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Tuesday, 28 May 2013

नई वाशरी बना रही मोनेट इस्पात का घेराव

नई वाशरी बना रही मोनेट इस्पात का घेराव
चासनाला, झरिया
पाथरडीह कोल वाशरी परिसर में नयी वाशरी के निर्माण का काम कर रही मोनेट वाशरी इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के कार्यालय पर मंगलवार को युवा जमसं के बैनर तले ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। तीन घंटे तक कार्यालय का घेराव कर स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार की मांग की गई।
जमसं समर्थकों का कहना था कि गांव विशेष नहीं बल्कि आसपास के सभी गांवों के जरूरतमंद लोगों को निर्माण कार्य में नियोजन दिया जाये। आंदोलनकारियों ने हंगामे के दौरान मोनेट इस्पात कंपनी के कार्यालय से कर्मियों को बाहर निकाल तालाबंद करने की कोशिश भी की। हालांकि तभी पाथरडीह थाना से पुलिस अधिकारी शैलेन्द्र शर्मा जवानों के साथ पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा कर शांत किया। मोनेट इस्पात कंपनी के जीएम आर कुमार और बीसीसीएल की निर्माणाधीन नयी कोल वाशरी के इंचार्ज डी चक्रवर्ती ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। इस दौरान यह मसला उठा कि पूर्व में प्रशासन के सामने जो वार्ता हुई थी उस अनुरूप चार गांव के लोगों को काम दिया जायेगा। पर जमसं नेताओं ने दो टूक कह दिया कि आसपास रहने वाले सभी बेरोजगार ग्रामीणों को काम दें। बाद में प्रबंधन ने छह जून को वार्ता का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। आंदोलन में पप्पू सिंह, मुकेश, जगन्नाथ कुमार, विक्की सिंह, राज सिंह, पिंटू, विकास, सोहन, नीरज आदि थे।
नई वाशरी बना रही मोनेट इस्पात का घेराव
चासनाला, झरिया
पाथरडीह कोल वाशरी परिसर में नयी वाशरी के निर्माण का काम कर रही मोनेट वाशरी इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के कार्यालय पर मंगलवार को युवा जमसं के बैनर तले ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। तीन घंटे तक कार्यालय का घेराव कर स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार की मांग की गई।
जमसं समर्थकों का कहना था कि गांव विशेष नहीं बल्कि आसपास के सभी गांवों के जरूरतमंद लोगों को निर्माण कार्य में नियोजन दिया जाये। आंदोलनकारियों ने हंगामे के दौरान मोनेट इस्पात कंपनी के कार्यालय से कर्मियों को बाहर निकाल तालाबंद करने की कोशिश भी की। हालांकि तभी पाथरडीह थाना से पुलिस अधिकारी शैलेन्द्र शर्मा जवानों के साथ पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा कर शांत किया। मोनेट इस्पात कंपनी के जीएम आर कुमार और बीसीसीएल की निर्माणाधीन नयी कोल वाशरी के इंचार्ज डी चक्रवर्ती ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। इस दौरान यह मसला उठा कि पूर्व में प्रशासन के सामने जो वार्ता हुई थी उस अनुरूप चार गांव के लोगों को काम दिया जायेगा। पर जमसं नेताओं ने दो टूक कह दिया कि आसपास रहने वाले सभी बेरोजगार ग्रामीणों को काम दें। बाद में प्रबंधन ने छह जून को वार्ता का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। आंदोलन में पप्पू सिंह, मुकेश, जगन्नाथ कुमार, विक्की सिंह, राज सिंह, पिंटू, विकास, सोहन, नीरज आदि थे।

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