ग्रामसभा मूल संवैधानिक सभा : मो.शब्बीर
ग्रामसभा में लिया जानेवाला प्रस्ताव एक ही पुस्तिका में अंकित होगा। बैठकों का अलग-अलग रजिस्टर नहीं होना चाहिए। ग्रामसभा की बैठक ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में होगी। अनुसूचित क्षेत्र में मुखिया ग्रामसभा में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। ग्रामसभा मूल संवैधानिक सभा है। ग्रामसभा के कार्य एवं शक्तियों के बारे में मो.शब्बीर ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा को विशेषाधिकार प्राप्त है। धर्म, संस्कृति एवं परंपरागत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जवाबदेही ग्रामसभा को ही है। ग्रामसभा को योजनाओं का चयन करना, वार्षिक बजट निर्माण, आय-व्यय का अभिलेख संधारण, योजनाओं की निगरानी, प्रमाणपत्र, परिपूर्णता प्रमाणपत्र, सामाजिक अंकेक्षण, स्थल चयन का क्षेत्राधिकार भी ग्रामसभा को है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की आठ स्थायी समितियों का गठन अनिवार्य है। आठों तरह की समितियां अपने विभाग से
संबंधित कार्य करेंगी। प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए संगठन के प्रमंडलीय अध्यक्ष भीम प्रसाद मंडल ने कहा कि ग्राम सभा वर्ष मनाए जाने के क्रम में प्रथम चरण में प्रखंड स्तर पर जागरण का कार्य किया गया। द्वितीय चरण में प्रशिक्षण और 30 जून को संताल परगना स्तर पर दुमका में विराट रैली निकालने की तैयारी है। इसके बाद प्रखंडों के जोन स्तरीय एवं पंचायत स्तरीय बैठक के बाद प्रत्येक ग्राम स्तर पर ग्राम सभा की बैठक कर आठ स्थायी समितियों का गठन किया जाएगा। शिविर में श्रीकांत मंडल, भीम सोरेन, रोबिन सोरेन, रुसो राम बास्की, इंग्लिश लाल मरांडी, गाजो कुंवर, रामजीवन सिंह, विभूति भूषण यादव, छविनाथ मंडल, राधेश्याम साह, बाल कृष्ण मांझी, मनोज यादव, मुधसूदन झा, विनय कुमार यादव, बैजनाथ मांझी, उमेश दास समेत कई प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
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