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Wednesday, 22 May 2013

लीड : कोलियरी कार्यालय पहुंची भूमिगत आग, कागजात जले

लीड : कोलियरी कार्यालय पहुंची भूमिगत आग, कागजात जले
तेतुलमारी : भूमिगत आग ने तेतुलमारी कोलियरी के पुराने कार्यालय को अपने आगोश में लेते हुए वहां रखे कागजातों को राख कर दिया। बुधवार शाम करीब पांच बजे अचानक एक कमरे से धुआं व आग की लपटे निकलने लगी। पड़ोस में रहने वाले लोग खतरा देख अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। सूचना पाकर कोलियरी प्रबंधन ने शीघ्र दमकल बुलाया। स्थानीय लोग प्रबंधन को आग बुझाने नहीं दे रहे थे। उनका कहना था कि प्रबंधन पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे। लोगों का विरोध देख अग्निशमन विभाग के कर्मी वापस लौट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना के आक्रोशित पांडेडीह छह नंबर मोहल्ला के लोगों ने कहा कि जमीन के अंदर लगी आग से लोगों की जान खतरे में है। प्रबंधन पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे, तब आग बुझाने दिया जाएगा। ग्रामीणों के उग्र तेवर देख आगे बुझाने का कार्य बीच में रोक दमकल कर्मी वापस लौट गए। इस बीच कोलियरी के कई कर्मी कार्यालय पहुंचे और संचिकाओं की खोजबीन करने लगे। ग्रामीणों और कर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। कर्मियों को अपनी फाइल जलने की चिंता सता रही थी, वहीं ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े थे। कुछ देर बाद यूनियनों के नेता घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे। नेताओं का कहना था कि जिस कार्यालय में आग लगी है वहां 1360 कर्मियों की सेवा से संबंधित कागजात रखा है। इसलिए आग बुझाने दिया जाए। यूनियन प्रतिनिधियों की बात ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए और तब जाकर आग पर नियंत्रण पाया गया।
उपयोगी नहीं थे कागजात : प्रबंधक
कोलियरी प्रबंधक केके सिन्हा ने कहा कि कोलियरी कार्यालय के पीछे पीएसबी चार नंबर खदान अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित है। इस क्षेत्र के 22 रैयतों को पुनर्वास के लिए जमीन मुहैया करायी जा चुकी है। चारों ओर अग्नि प्रभावित क्षेत्र है जिसके कारण यह आग लगी। जिन कागजातों में आग लगी है वह उपयोगी नहीं है। इसके साथ ही 170 में से 120 गैर रैयतों को पीएसटी एवं सीएपी में जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष लोगों को एक सप्ताह के अंदर मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
मौके पर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा पदाधिकारी दिलीप कुमार, अभियंता एके कर्मकार, कुमार तन्मय, चंदन मुखर्जी, एनके सिंह के अलावा ग्रामीणों की ओर से उपेंद्र प्रजापति, संटी सिंह, शिवदयाल सिंह, बंटी सिंह, पप्पू सिंह, राजू गुप्ता, दलजीत सिंह, छोटू सिंह, एम सिंह आदि थे।

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