सिंदरी : खाद कारखाना पुनरुद्धार को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में
बीआइएफआर की बहुप्रतीक्षित सुनवाई संपन्न हुई। बीआइएफआर बोर्ड के चेयरमैन
भवानी सिंह मीणा ने उभय पक्षों को सुनने के बाद 27 जून को सुनवाई की अगली
तिथि मुकर्रर कर दी है। सिंदरीवासियों को आशा है कि जल्द ही सिंदरी खाद
कारखाना बीआइएफआर से निकल जायेगा।
एफसीआइ के नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में पदस्थापित सलाहकार केएल राव ने बताया कि कंपनी की जमा पूंजी को घनात्मक बनाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने जो निर्णय लिया था उसका प्रारूप संयुक्त सचिव सह सीएमडी एफसीआइ सतीश चन्द्र ने बोर्ड के समक्ष रख दिया है। इधर इंटक के प्रतिनिधि अजय कुमार तथा वीएसएस इम्प्लायज फेडरेशन के अध्यक्ष सेवा सिंह ने बोर्ड के समक्ष कहा कि पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर अनिश्चितता व्याप्त है। सिंदरी के पुनरुद्धार के लिए उर्वरक संयंत्र की स्थापना वैधानिक रूप से अनिवार्य शर्त है। अत: सिंदरी के पुनरुद्धार के हित में कोल गैसीफिकेशन आधारित उर्वरक संयंत्र की स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी बीआइएफआर दे। सीएमडी सतीश चन्द्र ने बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि हम इस दिशा में बढ़ रहे हैं। बीआइएफआर बोर्ड के चेयरमैन भवानी सिंह मीणा ने उभय पक्षों को सुनने के बाद 27 जून को सुनवाई की अगली तिथि मुकर्रर कर दी। केएल राव ने बताया कि आर्थिक मामलों के कैबिनेट कमेटी ने कैपिटल लोन का ब्याज समेत दस हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया है। स्थानीय देनदारियों के भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। अब कंपनी को अपना नेटवर्थ घनात्मक बनाते हुए सभी हिसाब किताब चुकता कर बैलेंस शीट अगली सुनवाई के पूर्व बीआईएफआर के समक्ष प्रस्तुत करना है। बीमार घोषित कंपनी का नेटवर्थ घनात्मक होते ही बीआइएफआर कंपनी को रुग्णता के ठप्पे से मुक्त कर देती है। प्रबल संभावना है कि 27 जून को निर्धारित बोर्ड की अगली सुनवाई सिंदरी खाद कारखाना के पुनरुद्धार के मसले में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
एफसीआइ के नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में पदस्थापित सलाहकार केएल राव ने बताया कि कंपनी की जमा पूंजी को घनात्मक बनाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने जो निर्णय लिया था उसका प्रारूप संयुक्त सचिव सह सीएमडी एफसीआइ सतीश चन्द्र ने बोर्ड के समक्ष रख दिया है। इधर इंटक के प्रतिनिधि अजय कुमार तथा वीएसएस इम्प्लायज फेडरेशन के अध्यक्ष सेवा सिंह ने बोर्ड के समक्ष कहा कि पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर अनिश्चितता व्याप्त है। सिंदरी के पुनरुद्धार के लिए उर्वरक संयंत्र की स्थापना वैधानिक रूप से अनिवार्य शर्त है। अत: सिंदरी के पुनरुद्धार के हित में कोल गैसीफिकेशन आधारित उर्वरक संयंत्र की स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी बीआइएफआर दे। सीएमडी सतीश चन्द्र ने बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि हम इस दिशा में बढ़ रहे हैं। बीआइएफआर बोर्ड के चेयरमैन भवानी सिंह मीणा ने उभय पक्षों को सुनने के बाद 27 जून को सुनवाई की अगली तिथि मुकर्रर कर दी। केएल राव ने बताया कि आर्थिक मामलों के कैबिनेट कमेटी ने कैपिटल लोन का ब्याज समेत दस हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया है। स्थानीय देनदारियों के भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। अब कंपनी को अपना नेटवर्थ घनात्मक बनाते हुए सभी हिसाब किताब चुकता कर बैलेंस शीट अगली सुनवाई के पूर्व बीआईएफआर के समक्ष प्रस्तुत करना है। बीमार घोषित कंपनी का नेटवर्थ घनात्मक होते ही बीआइएफआर कंपनी को रुग्णता के ठप्पे से मुक्त कर देती है। प्रबल संभावना है कि 27 जून को निर्धारित बोर्ड की अगली सुनवाई सिंदरी खाद कारखाना के पुनरुद्धार के मसले में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
0 comments:
Post a Comment