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Thursday, 23 May 2013

झाविमो के धरना में भिड़ंत की स्थिति

झाविमो के धरना में भिड़ंत की स्थिति
झरिया : झारखंड विधानसभा भंग कर राज्य में अविलंब चुनाव कराने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रखंड कार्यालय में झाविमो का धरना चल रहा था। इस दौरान सरोज सिंह व गया सिंह के गुट आमने-सामने हो गए जिससे वहां माहौल गरमा गया। स्थिति बिगड़ने लगी और लगने लगा कि कहीं दोनों गुटों में भिड़ंत न हो जाए। हालांकि स्थिति देख सरोज सिंह समर्थकों के साथ वहां से चले गये तब माहौल शांत हुआ।
बताते हैं कि झाविमो नगर अध्यक्ष गया सिंह ने बिहार जनता खान मजदूर संघ की सदस्यता ली है। इससे झाविमो के कई लोग नाराज हैं। इन लोगों ने गया सिंह को अलग-थलग कर दिया है। इधर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रखंड अंचल कार्यालय पर धरने की गुरुवार को तैयारी थी। इसमें सरोज सिंह ने पूरी तैयारी के साथ तंबू कनात लगवाया। वे अपने कई समर्थकों के साथ धरना पर बैठ गये। धरना शुरू हुआ ही था और जितेंद्र रवानी को अध्यक्षता व रामू प्रसाद को संचालन सौंपा गया। धरनास्थल पर सरोज सिंह व बाबूलाल मरांडी के चित्र वाला बैनर भी लगा था। तभी वहां गया सिंह समर्थकों के साथ पहुंच गये। इन लोगों ने गया के समर्थन में नारेबाजी की। सरोज समर्थकों का आरोप है कि गया समर्थक हाथ में डंडे लिये थे। दो समर्थकों ने तमंचा भी चमकाया। गया सिंह ने धरनास्थल पर पहुंच बैनर हटा कर गया सिंह व बाबू लाल मरांडी के चित्र वाला बैनर लगा दिया। कहा कि नगर अध्यक्ष हम हैं कार्यक्रम नगर में हैं तो अध्यक्षता हमें करने दीजिये। इसी बात पर दोनों पक्षों गरमागरमी होने लगी। बात बढ़ती देख सरोज सिंह, शकील खान, मुन्ना खान समर्थकों समेत उठकर चले गये।
सरोज समर्थकों का कहना है कि अपनी ही पार्टी में लोग टकरायें यह गवारा नहीं था इसलिये सहृदयता के साथ हम लोगों ने वहां से चले आना श्रेयस्कर समझा। इधर कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की कि पार्टी आलाकमान से कह कर अब निष्कासन करा देंगे। हालांकि सरोज सिंह व उनके समर्थकों के जाने के बाद गया सिंह व उनके समर्थकों ने धरना दिया। झाविमो के नगर अध्यक्ष गया प्रताप सिंह ने धरने में शासन की जमकर आलोचना की व विधान सभा भंग करने की मांग की। धरने में हमीद अतारी, मो. शाहनवाज आलम, मुनीलाल राम, विनोद पासवान, रितेश गुप्ता, राकेश सिंह, दीपक चौधरी, लल्लू झा, महेंद्र शुक्ला, पंकज, अवधेश, फिरोज, बंटी, नियाज, वासुदेव थे।
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धरना से जाने वाले झाविमो के सिपाही नहीं : गया
झरिया : गया सिंह का कहना है कि झाविमो कार्यकर्ता झंडा लिए थे डंडा नहीं। किसी ने भी तमंचा नहीं चमकाया। झाविमो के जो सिपाही थे उन्होंने धरना दिया। जो धरनास्थल से चले गये उन्हें पार्टी का सिपाही नहीं मानते। हम झाविमो में हैं और उसकी रीति नीति का प्रचार करते रहेंगे। गुटों में बांटकर लड़ाने वालों की नहीं चलने देंगे।
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आलाकमान को दी मामले की जानकारी : सरोज
झरिया : झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता सरोज सिंह ने कहा कि हमें कार्यक्रम के लिए प्रभारी बनाया गया था। फिलहाल इस मामले में कुछ न कहेंगे। हम पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं इसलिए आलाकमान को सारी जानकारी दी है। वहीं अपनी बात रखेंगे।

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